भदोही , अगस्त 1 -- अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एक्मा) ने जीआई टैग से जुड़ी कालीन नगरी भदोही की वैश्विक पहचान को कायम रखने की अपील की है।

एक्मा अध्यक्ष उमेश कुमार गुप्ता "मुन्ना" ने शनिवार को यहां जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि भदोही के कालीनों की अपनी अलग पहचान है। "भदोही" नाम विश्व प्रसिद्ध हस्तनिर्मित कालीन उद्योग तथा जीआई टैग के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित हो चुका है। इसलिए भदोही के ब्रांडेड कालीनों की वैश्विक पहचान बनाए रखने के लिए जिले के नाम के साथ भदोही का जुड़ना अपने आप में एक अलग महत्व रखता है। जिले के लाखों बुनकर, कारीगर, उद्यमी और निर्यातक वर्षों से "भदोही" नाम के साथ जुड़े हुए हैं। ऐसे में यदि जिले के नाम से "भदोही" शब्द पूरी तरह हटा दिया जाता है, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित ब्रांड पहचान और जीआई टैग से जुड़ी प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है।

उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर वाराणसी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जनपद का नाम "संत रविदास नगर" किए जाने की घोषणा स्वागत योग्य है। जो महान संत शिरोमणी रविदास जी के प्रति श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है। सीएम का यह निर्णय महान संत व उनकी विरासत को नई पहचान देगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि जनपद की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वैश्विक पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए जिले का नाम "संत रविदास नगर भदोही" रखा जाए।

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