लखनऊ , सितंबर 21 -- उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ती सियासी सरगर्मी के बीच लखनऊ, गाजीपुर और मुरादाबाद समेत प्रदेश के 10 शहरों में समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर लगाए जाने का मामला सामने आया है। इन पोस्टरों में अखिलेश यादव के साथ आजम खान, अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी और रमाकांत यादव की तस्वीरें छापी गई हैं।

पोस्टरों पर 'आजम, अतीक और मुख्तार, यही चलाते थे सरकार', 'माफिया राज और अखिलेश, लूट लिया था पूरा प्रदेश' और 'माफिया के अखिलेश, अखिलेश के माफिया' जैसे नारे लिखे गए हैं। हालांकि, इन पोस्टरों को किसने लगवाया है, इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी है। पोस्टर सामने आने के बाद सपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी गई।

कई शहरों में कार्यकर्ताओं ने पोस्टर फाड़कर अपना विरोध जताया। कहीं कार्यकर्ता खंभों पर चढ़कर पोस्टर हटाते नजर आए तो कहीं बड़े डंडों की मदद से उन्हें फाड़ दिया गया। इस मामले में एक सपा प्रवक्ता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वह जनता के बुनियादी मुद्दों पर जवाब देने में असफल है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जनता सरकार से पूछ रही है कि पिछले 10 वर्षों में ऐसा क्या किया गया, जिसके आधार पर उससे दोबारा वोट मांगे जा रहे हैं। इन सवालों का जवाब देने से बचने के लिए भाजपा नेता अनर्गल बयानबाजी और पोस्टरबाजी कर रहे हैं।

पोस्टर लगाने वालों की पहचान स्पष्ट नहीं होने के कारण फिलहाल यह कहना संभव नहीं है कि इसके पीछे किसी राजनीतिक दल या संगठन की भूमिका है। ऐसे में पोस्टरबाजी को लेकर सियासी आरोप-प्रत्यारोप के बीच इसकी जिम्मेदारी और उद्देश्य को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

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