रायबरेली , अक्टूबर 06 -- उत्तर प्रदेश के रायबरेली के शहीद चौक पर मंगलवार को समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के विरोध में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अखिलेश यादव समेत हिरासत में लिए गए विपक्षी नेताओं को तत्काल रिहा करने की मांग की।
सपा नेता अखिलेश माही के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में राहुल निर्मल बागी, नीलेश यादव, हेमंत कुशवाहा, बबलू यादव, केडी यादव, ऋषभ सेन, प्रवीण यादव समेत करीब एक दर्जन कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अखिलेश माही ने कहा कि मतदाता सूची से जुड़े सवालों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने पहुंचे अखिलेश यादव को हिरासत में लिया जाना विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार मतदाता सूची के पुनरीक्षण और मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से विपक्ष जवाब मांग रहा है। सपा नेता ने कहा कि पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं और पीडीए वर्ग के मतदाताओं को लेकर विशेष चिंता है।
उन्होंने कहा कि यदि लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास जारी रहा तो समाजवादी पार्टी संवैधानिक दायरे में रहकर व्यापक जनआंदोलन करेगी।
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