रायबरेली , जून 22 -- उत्तर प्रदेश के रायबरेली में सार्वजनिक स्थलों पर समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ विवादित भाषा वाली होर्डिंग्स लगाए जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। होर्डिंग्स लगाए जाने की जानकारी मिलने पर सपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें हटाया और बाद में पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।

पार्टी के जिलाध्यक्ष इंजीनियर वीरेन्द्र यादव के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर कहा कि बीती रात सिविल लाइंस चौराहा पुलिस बूथ के पास, सारस होटल चौराहा, जीजीआईसी गेट, बस स्टैंड रोड स्थित हीरो एजेंसी के निकट समेत शहर के कई स्थानों पर बड़ी-बड़ी होर्डिंग्स लगाकर एक वर्ग विशेष को लक्ष्य करते हुए सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया गया।

सपा नेताओं का आरोप है कि जिन स्थानों पर होर्डिंग्स लगाई गईं, वहां सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। साथ ही होर्डिंग्स पर किसी प्रिंटिंग प्रेस का नाम अंकित नहीं था और न ही नगर पालिका के अधिकृत वेंडर को इसकी कोई सूचना दी गई थी। पार्टी का कहना है कि होर्डिंग्स जिस तरीके और ऊंचाई पर लगाई गईं, उससे प्रतीत होता है कि यह कार्य प्रभावशाली लोगों द्वारा कराया गया है। प्रतिनिधिमंडल ने मामले में मुकदमा दर्ज कर दोषियों की पहचान कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

पत्रकारों से बातचीत में वीरेन्द्र यादव ने आरोप लगाया कि अयोध्या स्थित राम मंदिर में चंदा चोरी के मुद्दे को अखिलेश यादव द्वारा उठाए जाने के बाद राजनीतिक विरोधी इस प्रकार की हरकतों पर उतर आए हैं। उन्होंने इस कृत्य को निंदनीय बताते हुए सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की साजिश करार दिया।

विधायक श्याम सुंदर भारती ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर विफलता से ध्यान भटकाने के लिए विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। वहीं विधायक राहुल लोधी ने भी घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

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