उज्जैन , जुलाई 8 -- अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज की उपस्थिति में मंगलवार को श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी में शैव एवं वैष्णव संतों का मिलन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में श्री पंच निर्मोही अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत मदन मोहन दास महाराज का स्वागत किया गया तथा सिंहस्थ-2028 सहित आगामी कुंभ मेलों की तैयारियों और संत समाज की एकजुटता पर व्यापक मंथन हुआ।

अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता डॉ. गोविंद सोलंकी ने बताया कि कार्यक्रम में देशभर के विभिन्न अखाड़ों के संत-महंत शामिल हुए। इस अवसर पर परिषद अध्यक्ष महंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में होने वाले आगामी कुंभ मेलों के सफल आयोजन के लिए संत समाज का एकजुट रहना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सभी अखाड़ों के सहयोग और समन्वय से ही इन धार्मिक आयोजनों की गौरवशाली परंपरा अक्षुण्ण रह सकती है।

महंत डॉ. रामेश्वर दास महाराज ने कहा कि संतों के बीच मतभेद स्थायी नहीं होते। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पानी में लाठी मारने से पानी अलग नहीं होता, उसी प्रकार संत समाज भी अंततः एकजुट रहता है।

महंत भगवान दास महाराज ने कहा कि आपसी मतभेद समाप्त कर संत समाज धर्म और समाजहित के कार्यों को मिलकर आगे बढ़ाएगा। वहीं, श्री पंच निर्मोही अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत मदन मोहन दास महाराज ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए हरिद्वार, नासिक और उज्जैन के आगामी कुंभ मेलों के सफल आयोजन के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प दोहराया।

समारोह में जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय सचिव श्रीमहंत रामेश्वर गिरी महाराज, महानिर्वाणी अखाड़ा के महंत श्याम गिरी महाराज, राधे-राधे बाबा, आनंद अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकरानंद सरस्वती महाराज, महामंडलेश्वर शांतिस्वरूपानंद गिरी महाराज, महामंडलेश्वर भगवान बापू, दिगंबर अखाड़ा के महंत रामचंद्र दास महाराज, निर्वाणी अखाड़ा के महंत दिग्विजय दास महाराज, निर्मोही अखाड़ा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सीताराम दास महाराज, महंत महावीरनाथ महाराज, भगवान दास महाराज, सारंगारी महाराज, सेवा गिरी महाराज, कृष्णानंद ब्रह्मचारी महाराज, विशाल दास सहित बड़ी संख्या में संत-महंत उपस्थित रहे।

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