मॉस्को , सितंबर 13 -- यूक्रेन संकट के समाधान के लिए त्रिपक्षीय वार्ता का नया दौर इसी वर्ष अक्टूबर के शुरुआत में आयोजित हो सकता है।

रूसी राष्ट्रपति के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने रविवार को बताया कि उनका देश और अमेरिका शांति वार्ता को फिर से पटरी पर लाने के प्रयासों में जुटे हैं।

अगले दौर की वार्ता की समयसीमा के बारे में पूछे जाने पर श्री पेसकोव ने कहा, "हम इस तरह की संभावना से इनकार नहीं करते हैं। हम निकट भविष्य की बात कर रहे हैं। निश्चित रूप से अक्टूबर की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता है।"श्री पेसकोव ने बताया कि हालिया बातचीत के दौरान एक और त्रिपक्षीय बैठक आयोजित करने की संभावना पर चर्चा हुई है। इस वार्ता को आगे बढ़ाने की जरूरत पर रूस और अमेरिकी दूत जेरेड कुशनर के विचार समान हैं। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि यह बैठक जल्द आयोजित होगी।"श्री पेसकोव ने कहा कि फिलहाल मेज पर कोई नया प्रस्ताव नहीं हैं, लेकिन इस त्रिपक्षीय बैठक का मुख्य उद्देश्य शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए संभावित विकल्पों की तलाश करना होगा।

उन्होंने कहा, "जहां तक सवाल नये प्रस्तावों का है, तो फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है, लेकिन इस त्रिपक्षीय बैठक का उद्देश्य ही नये विकल्पों को खोजना है।"श्री पेसकोव का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के विशेष दूतों स्टीव विटकॉफ और श्री कुशनर के पिछले हफ्ते रूस और यूक्रेन के दौरे के बाद आया है। अमेरिकी दूतों की यह यात्रा यूक्रेन युद्ध पर वार्ता को पुनः सक्रिय करने की कोशिशों का हिस्सा थी।

श्री विटकॉफ और श्री कुशनर ने पांच सितंबर को मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। रूस ने इस बैठक को सार्थक, रचनात्मक और उपयोगी बताया था। इसके अगले दिन अमेरिकी दूतों ने कीव जाकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की।

अमेरिकी दूतों ने यूक्रेन में हुई चर्चाओं को भी सारगर्भित बताया और उम्मीद जतायी कि इससे शांति प्रक्रिया को नयी गति मिलेगी।

श्री पेसकोव ने पश्चिमी यूक्रेन में यूरोपीय सैनिकों की तैनाती को लेकर श्री पुतिन की चेतावनी पर भी टिप्पणी की। श्री पुतिन ने कहा था कि ऐसा कोई कदम रूस के साथ सीधे युद्ध के बराबर होगा। श्री पेसकोव ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति इस तरह के कदम के संभावित गंभीर परिणामों को लेकर आगाह कर रहे थे।

श्री पेसकोव ने कहा, "उन्होंने सामान्य तौर पर उन गलतियों के बारे में बात की, जो की जा रही हैं और की जा सकती हैं। यही बात यूरोपीय देशों को किसी राजनीतिक विकल्प के बारे में सोचने पर मजबूर कर रही है।"इस बीच, पोलैंड के विदेश मंत्री राडेक सिकोर्स्की ने उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) से रूस के कलिनिनग्राद क्षेत्र की सीमा के पास सैन्य अभ्यास बढ़ाने का आह्वान किया है।

श्री पेसकोव ने कहा कि रूस नाटो की सैन्य गतिविधियों पर नजर रख रहा है और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहा है।

उन्होंने कहा, "नाटो वहां अपनी सैन्य उपस्थिति और गतिविधियां बढ़ा रहा है, यह बिल्कुल साफ है। इसलिए हम इस महत्वपूर्ण रूसी क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय कर रहे हैं।"एक अलग बयान में, रूसी राष्ट्रपति के विदेश नीति के सलाहकार यूरी उशाकोव ने बताया कि क्राउन प्रिंस खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नहयान ने कहा है कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) यूक्रेन पर अगले दौर की वार्ता की मेजबानी के लिए तैयार है।

श्री उशाकोव ने कहा, " क्राउन प्रिंस ने कहा है कि यूएई अपनी जमीन उपलब्ध कराने को तैयार है जैसा उसने पहले भी किया था।"यूएई ने इससे पहले भी रूस-यूक्रेन के बीच वार्ता आयोजित करने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के तहत दोनों पक्षों के बीच बैठकों की मेजबानी की है।

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