मजीठा/अमृतसर , अगस्त 23 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता और मजीठा विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी प्रो. सरचांद सिंह ख्याला ने रविवार को कहा है कि भारतीय जनता पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में सभी 117 सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के साथ संभावित गठबंधन को लेकर चल रही अटकलों को निराधार बताया।

मीडिया से बातचीत में प्रो. ख्याला ने कहा कि अकाली दल के कुछ नेताओं की ओर से भाजपा-शिअद गठबंधन को लेकर दिए जा रहे बयान उनके व्यक्तिगत विचार और राजनीतिक अटकलें हैं। उन्होंने कहा कि ये भाजपा की आधिकारिक नीति को प्रदर्शित नहीं करते। उन्होंने कहा कि भाजपा का रुख केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं। भाजपा पंजाब में बिना किसी गठबंधन के सभी 117 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की रणनीति पर काम कर रही है।

प्रो. ख्याला ने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष 24 और 25 अगस्त को दो दिवसीय पंजाब दौरे पर आयेंगे। इस दौरान वह पार्टी के संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा करने के साथ आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेंगे।

इसी सिलसिले में मजीठा में भाजपा अमृतसर ग्रामीण-2 के जिला अध्यक्ष कंवरबीर सिंह मंजिल की अध्यक्षता में संगठनात्मक बैठक हुई। बैठक में जिला प्रभारी रणजीत सिंह खोजेवाल, सह-प्रभारी मानव तनेजा, मजीठा विधानसभा प्रभारी प्रो. सरचांद सिंह ख्याला, विधानसभा संयोजक प्रदीप सिंह भुल्लर, मंडल अध्यक्ष राकेश पप्पा सहित मंडल अध्यक्ष, बूथ स्तर के नेता और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रो. ख्याला ने कहा कि भाजपा का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में बूथ स्तर तक मजबूत संगठन खड़ा करना है। इसके लिए पार्टी ने चुनाव प्रभारियों, विधानसभा प्रभारियों और वरिष्ठ नेताओं की नियुक्तियां की हैं, जो राज्यभर में पार्टी की चुनावी रणनीति को लागू करेंगे। उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे, गैंगस्टरवाद, सीमा पार तस्करी, बेरोजगारी, कृषि संकट, उद्योगों के दूसरे राज्यों में जाने और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग ऐसी सरकार चाहते हैं जो केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास को गति दे, सुरक्षा मजबूत करे और निवेश आकर्षित करे। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए "डबल इंजन" सरकार समय की जरूरत है।

वर्ष 1996 के भाजपा-शिअद गठबंधन का उल्लेख करते हुए प्रो. ख्याला ने कहा कि उस समय गठबंधन का उद्देश्य हिंदू-सिख एकता को मजबूत करना, सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देना और कांग्रेस के सामने एक स्थिर राजनीतिक विकल्प देना था। हालांकि, उन्होंने कहा कि पंजाब का राजनीतिक परिदृश्य अब काफी बदल चुका है और भाजपा राज्य की समस्याओं के दीर्घकालिक समाधान देने के लिए स्वतंत्र एवं विश्वसनीय राजनीतिक विकल्प के रूप में चुनाव मैदान में उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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