चंडीगढ़ , सितंबर 25 -- शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की घोषणा पत्र समिति ने शुक्रवार को पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठोंसे सुझाव लिये और कहा कि घोषणा पत्र में उन्हीं प्रस्तावों को शामिल किया जाएगा, जिन्हें व्यावहारिक रूप से लागू किया जा सके।
समिति के सदस्य सचिव डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि समिति ने अध्यक्ष बलविंदर सिंह भुंदर की अगुवाई में अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और बाजीगर फ्रंट के प्रतिनिधियों से अलग-अलग बैठक कर उनके सुझाव लिखित रूप में लिए। इस दौरान विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि पिछड़ा वर्ग विंग के अध्यक्ष हीरा सिंह गभड़िया, बाजीगर फ्रंट के अध्यक्ष दविंदर सिंह दयाल, पूर्व विधायक और जिला अध्यक्षों ने भी अपने सुझाव दिये।
श्री चीमा ने कहा कि समिति महिला, युवा, व्यापारी, प्रवासी भारतीय और कर्मचारी प्रकोष्ठों के साथ-साथ किसानों से भी सुझाव लेगी। उन्होंने कहा कि आम लोगों की भावनाएं जानने के लिए समिति राज्य के विभिन्न हिस्सों का दौरा भी करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी घोषणा पत्र को कानूनी दस्तावेज के रूप में लागू करने की प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और प्रत्येक प्रस्ताव के साथ उससे जुड़ी वित्तीय देनदारी पर भी विचार किया जा रहा है। चीमा ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर आरोप लगाया कि उनके पिछले घोषणा पत्रों में किये गये वादे पूरी तरह लागू नहीं हुए, जिसके कारण पार्टी ने इस बार विस्तृत स्तर पर सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू की है।
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