श्रीनगर , सितंबर 09 -- फिल्म निर्माता एवं अभिनेता अकबर खान ने बुधवार को प्यार और भाईचारे को बढ़ावा देने वाली फिल्में बनाने की अपील की और फिल्म निर्माताओं से कहा कि वे सिनेमा का इस्तेमाल नफ़रत और बंटवारे के बजाय प्यार, भाईचारे और आपसी समझ को बढ़ावा देने के लिए करें।

अकबर ने यहां अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और आयोजकों को महोत्सव की शानदार शुरुआत के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने इस आयोजन की भावना और मकसद को बखूबी दिखाया है। उन्होंने कहा, "सिनेमा सबसे ताकतवर ज़रिया है जो देशों और सभ्यताओं के बीच पुल का काम करता है। उन्होंने ज़ोर दिया कि फिल्मों में कहानियों, संस्कृतियों और लोगों को सरहदों के पार ले जाने और समुदायों के बीच बेहतर समझ पैदा करने की ताकत होती है।

उन्होंने कहा कि फिल्म महोत्सव फेस्टिवल ऐसा मंच होना चाहिए जहाँ फिल्मों को बिना किसी पूर्वाग्रह या विचारधारा के असर के सिर्फ़ उनकी सिनेमाई खूबी और बेहतरीन काम के आधार पर परखा जाये।

ऐतिहासिक टीवी कार्यक्रमों को निर्देशन और निर्माण करने वाले अकबर ने चिंता जतायी कि कुछ फिल्म निर्माता और इतिहासकार सिनेमा का इस्तेमाल नफ़रत फैलाने और धार्मिक समुदायों के बीच बंटवारा करने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "हाल के दिनों में कुछ बदलाव देखने को मिले हैं, जहाँ बदकिस्मती से इतिहासकार और फिल्म निर्माता ऐसी फिल्में बना रहे हैं जो नफ़रत फैलाती हैं और यहाँ के सभी धर्मों के लोगों की एकता और भाईचारे को तोड़ती हैं।" उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माताओं को अपने विचार और कलात्मक नज़रिए को पेश करने का हक है, लेकिन नफ़रत या सामाजिक अशांति फैलाने के मकसद से इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश नहीं करना चाहिए।

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