अंबिकापुर , जून 10 -- मध्यप्रदेश में विकसित अफ्रीकन स्वाइन फीवर (एएसएफ) वैक्सीन का परीक्षण सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित शासकीय सूकर फार्म में जारी है। वैक्सीन परीक्षण के तहत राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (एनआईएचएसएडी), भोपाल के वैज्ञानिकों की टीम बुधवार को फार्म पहुंची और परीक्षणाधीन सूअरों को बूस्टर डोज देने के साथ उनकी स्वास्थ्य स्थिति का निरीक्षण किया।
फार्म प्रबंधक डॉ. अजय अग्रवाल ने बताया कि वैक्सीन का परीक्षण मार्च 2026 से प्रारंभ किया गया है। यह अनुसंधान राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। वैज्ञानिकों की टीम में डॉ. वेंकटेश, डॉ. सेंथिल कुमार और डॉ. राजू कुमार शामिल हैं, जो समय-समय पर फार्म का दौरा कर परीक्षण की प्रगति का मूल्यांकन कर रहे हैं।
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सी.के. मिश्रा ने बताया कि पशुपालन विभाग के संचालक के निर्देशानुसार शासकीय सूकर फार्म, सकालो में एएसएफ वैक्सीन ट्रायल वैज्ञानिक मानकों और जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परीक्षण सफल होने पर देश और विदेश के सूकर पालकों को इसका व्यापक लाभ मिलेगा तथा बीमारी से होने वाली पशुहानि और आर्थिक नुकसान में कमी लाई जा सकेगी।
उल्लेखनीय है कि अफ्रीकन स्वाइन फीवर सूअरों में फैलने वाला अत्यंत घातक वायरल रोग है, जिसकी मृत्यु दर काफी अधिक मानी जाती है। यह बीमारी घरेलू और जंगली दोनों प्रकार के सूकरों को प्रभावित करती है। वर्तमान में इस रोग के लिए कोई प्रभावी उपचार उपलब्ध नहीं है और वैक्सीन अनुसंधान एवं परीक्षण के चरण में है।
केन्द्र सरकार ने एएसएफ वैक्सीन के परीक्षण के लिए अंबिकापुर के सकालो स्थित शासकीय सूकर फार्म का चयन किया है। विशेषज्ञों के अनुसार विश्व के अधिकांश देशों की तरह भारत में भी अभी तक इस बीमारी के लिए कोई पूर्णतः स्वीकृत व्यावसायिक वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित