बेमेतरा , अप्रैल 15 -- छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के दाढ़ी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम उमरिया में एक बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार को लेकर जमीन विवाद ने बुधवार को गंभीर रूप ले लिया। हालात इस कदर तनावपूर्ण हो गए कि मौके पर पुलिस और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम उमरिया निवासी बुजुर्ग महिला कैना बाई सतनामी के निधन के बाद उनके परिजनों द्वारा निजी जमीन पर दफनाने की तैयारी की जा रही थी कि इसी दौरान अचानक विवाद खड़ा हो गया। बताया गया कि संबंधित जमीन वर्ष 2019 में मृतका की सौतेली बेटी द्वारा गांव के ही ओमप्रकाश साहू को बेच दी थी। इस तथ्य की जानकारी परिवार और ग्रामीणों को होने के बावजूद महिला लंबे समय से उसी जमीन पर रह रहे थे।

मृत्यु के बाद जब परिजनों ने उक्त भूमि पर गड्ढा खोदकर दफनाने की प्रक्रिया प्रारंभ की, तो जमीन मालिक ओमप्रकाश साहू को इसकी सूचना मिली। उन्होंने तत्काल पंचायत और प्रशासन को मामले से अवगत कराया।

सूचना मिलते ही सरपंच, उपसरपंच, तहसीलदार, एसडीओपी सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों के एकत्र होने से स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

प्रशासन द्वारा मौके पर दोनों पक्षों एवं ग्रामीणों से चर्चा कर समझाया। काफी देर तक चली वार्ता के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बुजुर्ग महिला के पार्थिव शरीर को गांव के मुक्ति धाम में दफनाया जाएगा।

बताया जा रहा है कि मृतका निसंतान थीं और अपने जेठ के पुत्र के साथ रह रही थीं। जमीन उनकी सौतेली बेटी गीता बाई के नाम पर थी, जिसे पूर्व में बेच दिया गया था। इसके बावजूद कब्जा और धार्मिक आस्था के चलते विवाद की स्थिति बनी रही।

गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व उक्त भूमि पर धार्मिक प्रतीक के रूप में जैत खाम भी स्थापित किया गया था, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया।

फिलहाल प्रशासन की तत्परता और सूझबूझ से स्थिति नियंत्रण में है।

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