जयपुर , मई 18 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जनसुनवाई को आमजन और शासन के बीच विश्वास एवं संवाद का प्रभावशाली माध्यम बताते हुए सोमवार को कहा कि उनकी सरकार सुशासन के उच्च मानकों पर कार्य करते हुए अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति को योजनाओं का लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है।
श्री शर्मा ने आज मुख्यमंत्री निवास पर जनसुनवाई के अवसर पर यह बात कही। उन्होंने प्रदेशभर से आई महिलाओं, विशेष योग्यजन, वरिष्ठ नागरिक एवं विभिन्न वर्गों के लोगों की समस्याओं को संवेदनशीलता से सुना। मुख्यमंत्री ने अनेक प्रकरणों में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देकर मौके पर ही परिवेदनाओं का समाधान कर परिवादियों को राहत दी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में आए सभी प्रकरणों के निस्तारण की समय-समय पर मॉनिटरिंग की जाए। अधिकारी ऐसी पारदर्शी एवं प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें, जिससे परिवादी को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिवेदनाओं के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई हो।
जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याएं सुनकर परिवादियों से व्यक्तिगत संवाद भी किया। उन्होंने जनसुनवाई में बड़ी संख्या में आई महिलाओं, दिव्यांगों, बुजुर्गों सहित विभिन्न लोगों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया। आमजन अपनी परिवेदनाओं के हाथोंहाथ समाधान से बेहद संतुष्ट नजर आए। उन्होंने इस दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज, श्रम, कृषि, गृह, राजस्व, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल सहित विभिन्न विभागों की आमजन से जुड़ी परिवेदनाओं को सुना और उनके निस्तारण के निर्देश दिए।
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