लखीसराय , जुलाई 29 -- र्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार के तत्वधान में अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस-2026 के अवसर पर नाथ पब्लिक स्कूल, लखीसराय में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय "बाघ संरक्षण" रहा। इस अवसर पर विद्यालय के विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए बाघों के संरक्षण एवं पर्यावरण संतुलन के महत्व को समझा।
कार्यक्रम की शुरुआत वन विभाग की ओर से रेंजर उत्तम कुमार शर्मा ने अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बाघ जंगलों के शीर्ष शिकारी हैं और उनकी उपस्थिति स्वस्थ वन पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बाघों के संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है।
इस अवसर पर वनपाल कुमोद कुमार तथा वनरक्षी अमृता, रौशन एवं अक्षय ने भी विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संतुलन एवं जैव विविधता के महत्व की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के बीच क्विज़, निबंध लेखन, चित्रकला (ड्रॉइंग) प्रतियोगिता एवं पौधारोपण का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
क्विज़ प्रतियोगिता में अर्णव ने प्रथम तथा दिव्यानी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। निबंध प्रतियोगिता में निधि प्रथम, अदिति द्वितीय एवं श्रुति तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं चित्रकला प्रतियोगिता में सिद्धांत ने प्रथम, सृष्टि ने द्वितीय तथा आरूष ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक नाथ अमिताभ, विद्यासागर, सुनील एवं बिंदु सहित सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति सदैव जागरूक रहने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का समापन बाघों एवं अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा, वनों के संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की सामूहिक शपथ के साथ हुआ। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने प्रकृति संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया।
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