नैनीताल , जून 05 -- उत्तराखंड की नैनीताल जिला पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय नशा तस्कर गिरोह का खुलासा करते हुए गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दोनों आपस में भाई हैं और राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) डाॅ. मंजूनाथ टीसी ने शुक्रवार को हल्द्वानी में इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि विशेष अभियान समूह (एसओजी) और काठगोदाम पुलिस की ओर से की गयी संयुक्त कार्रवाई में यह सफलता हाथ लगी है।

उन्होंने बताया कि एसओजी को गिरोह के संबंध में सूचना मिली थी। इसके बाद एसओजी के प्रभारी मोहन सोहन और काठगोदाम के थाना प्रभारी जसबीर चौहान की टीम ने गिरोह पर नजर बनाये रखी। आज पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि गिरोह के दो सदस्य स्मैक की बड़ी खेप लेकर आ रहे हैं।

इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों के पास से 600 ग्राम स्मैक बरामद हुई है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम गजब सिंह और सीताराम हैं। दोनों आपस में भाई हैं। आरोपी राजस्थान के भरतपुर के अटलबंद धऊ पासा गांव के रहने वाले हैं। दोनों शातिर किस्म के नशा तस्कर हैं।

गजब सिंह पर मादक पदार्थ अधिनियम और आबकारी के तहत चार मामले दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि आरोपियों के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। उनके आपराधिक रिकार्ड को भी जुटाया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि बरामद स्मैक का अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मूल्य दो करोड़ रुपये आंका गया है।

एसएसपी के अनुसार आरोपी गजब सिंह भरतपुर में आरओ प्लांट में काम करता है जबकि दूसरा आरोपी सीताराम वाहन चालक है। कल दोनों भरतपुर से अपने मामा की कार लेकर हल्द्वानी आये थे। काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर स्मैक देकर दोनों की मुक्तेश्वर ससुराल जाने की योजना थी।

उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले की गहराई से जांच करेगी और पता लगाया जायेगा कि आरोपी बरामद स्मैक को कहां से लेकर आये हैं और किसे आपूर्ति की जानी थी।

उन्होंने इसे रिकार्ड बरामदगी बताया और कहा कि यह एसओजी और पुलिस के लिये इस वर्ष की बड़ी सफलता है। उन्होंने टीम को ढाई हजार रूपये का ईनाम भी देने की घोषणा की है।

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