देवरिया, अक्टूबर 29 -- भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने कहा कि उनकी अंतरिक्ष यात्रा का हर पल अविस्मरणीय रहा है और धरती पर लौटना बेहद ही रोमांचकारी रहा।
देवरिया से 15 किमी दूर बरपार गांव में बुधवार को युवाओं से संवाद करते हुए शुभांशु शुक्ला ने कहा कि यह यात्रा शुरू होने से लेकर अंतरिक्ष में रहने और वापस धरती पर लौटना बेहद रोमांचकारी रही। एक युवा ने उनसे अंतरिक्ष यात्रा का अनुभव साझा करने के सवाल पर कहा " हमारी एक अंतरिक्ष नीति है जो 2023 में जारी की गई है। यह भविष्य में हमारे अभियानों को रेखांकित करती है। मिशन गगनयान जिसमें एक मानव को अंतरिक्ष में भेजना और उसे सुरक्षित वापस लाना है और फिर भारतीय अंतरिक्षयान और उसके बाद 2040 तक चंद्रमा पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराना है।"उन्होंने युवाओं से कहा कि अंतरिक्ष यात्री बनने के लिए प्रभावी योगदान देने के लिए जोश और इच्छा मौजूद होनी चाहिए। इसके साथ हम पर निर्भर है कि हम इसे कैसे सक्षम बनाते हैं। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष से लौटने के बाद शरीर को दोबारा धरती के वातावरण से सामंजस्य बिठाने में समय लगता है, क्योंकि आपका शरीर कुछ भूल जाता है। मांसपेशियां और संतुलन प्रणाली पुनः सशक्त करने के लिए समय लगता हैं।
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