ऋषिकेश , जून, 18 -- बारहवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में एम्स ऋषिकेश में आयुष विभाग एवं इंटीग्रेटिव मेडिसिन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देशभर से आए विशेषज्ञों, चिकित्सकों और शोधकर्ताओं ने योग को स्वस्थ, संतुलित और दीर्घायु जीवन का आधार बताते हुए इसके वैज्ञानिक महत्व पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने निवारक स्वास्थ्य देखभाल की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सुविधाओं और स्वास्थ्य जागरूकता में वृद्धि के बावजूद मोटापा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी असंक्रामक बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इन चुनौतियों से निपटने में योग एक प्रभावी और सुलभ उपाय है। उन्होंने बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही योग से जोड़ने की आवश्यकता बताई।
डीन एकेडमिक्स प्रो. सौरभ वार्ष्णेय ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत में वृद्धजन आबादी तेजी से बढ़ेगी। विकसित भारत-2047 के लक्ष्य तक देश की लगभग 18 प्रतिशत जनसंख्या वृद्धावस्था वर्ग में होगी। ऐसे में "हेल्दी एजिंग" की अवधारणा अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। डीन (रिसर्च) प्रो. शैलेन्द्र हांडू ने स्वस्थ वृद्धावस्था में योग की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए योग संबंधी शोध में वैज्ञानिक और साक्ष्य-आधारित आंकड़ों की आवश्यकता पर जोर दिया।
एसएसआईएआर बेंगलुरु की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. छाया ने अपने व्याख्यान में क्रोनोलॉजिकल एज और बायोलॉजिकल एज के अंतर को स्पष्ट करते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास तनाव को कम करने, मानसिक संतुलन बनाए रखने तथा जीवन की गुणवत्ता सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वहीं स्कूल ऑफ योगा एंड नेचुरोपैथिक मेडिसिन, बेंगलुरु के प्राचार्य डॉ. अपार अविनाश ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि व्यवहार परिवर्तन और आत्मबोध का प्रभावी माध्यम भी है।
आयुष विभागाध्यक्ष डॉ. मोनिका पठानिया ने योग शिक्षण से जुड़ी चुनौतियों और आवश्यक सावधानियों पर प्रकाश डाला तथा प्रतिभागियों को विभिन्न योग कक्षा परिदृश्यों के माध्यम से जागरूक किया। चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्वेता मिश्रा ने प्रतिभागियों को योगाभ्यास कराते हुए विभिन्न योगासनों, प्राणायाम और योगनिद्रा के लाभ बताए। वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीलोय मोहंती ने पैनल चर्चा का संचालन करते हुए योग को स्वस्थ जीवन का मूल मंत्र बताया।
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