चंडीगढ़ , जून 18 -- पंजाब में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और संगठित अपराध पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने अंतरराज्यीय सहयोग को अपनी रणनीति का अहम हिस्सा बनाया है।

'गैंगस्टरों ते वार' अभियान के तहत न केवल पड़ोसी राज्यों बल्कि देशभर की पुलिस एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर गैंगस्टरों, नशा तस्करों और आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

पंजाब पुलिस के महानिदेशक गौरव यादव ने कहा कि अपराधी पंजाब में अपराध कर किसी अन्य राज्य में जाकर कानून से नहीं बच सकते। पंजाब पुलिस उन्हें देश के किसी भी हिस्से से तलाश कर कानून के कटघरे तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 'गैंगस्टरों ते वार' अभियान के 148 दिनों के दौरान 37,757 उपद्रवियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है, जबकि नशा विरोधी अभियान के तहत अब तक 68,682 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि आज के समय में गैंगस्टर और अपराधी एक राज्य में बैठकर दूसरे राज्य में वारदातों को अंजाम देते हैं। इसी प्रकार नशा तस्कर भी विभिन्न राज्यों के जरिए अपने नेटवर्क संचालित करते हैं। ऐसे में अंतरराज्यीय सहयोग अपराध नियंत्रण का सबसे प्रभावी हथियार बनकर उभरा है।

पंजाब पुलिस को सबसे बड़ी सफलताओं में से एक आईएसआई समर्थित जासूसी और आतंकवादी नेटवर्क को ध्वस्त करने में मिली। यह नेटवर्क कथित तौर पर बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ा हुआ था। पंजाब और दिल्ली पुलिस के संयुक्त अभियान में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों और रिमोट कैमरों के जरिए संवेदनशील सूचनाएं सीमा पार बैठे संचालकों तक पहुंचा रहा था।

अभियान के तहत लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ से जुड़े गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई की गयी। विभिन्न राज्यों की पुलिस के सहयोग से दिल्ली सहित कई स्थानों से इन गिरोहों से जुड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।

पंजाब पुलिस ने गोल्डी बराड़ से जुड़े एक रंगदारी नेटवर्क को भी ध्वस्त किया। इस कार्रवाई में 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर उस नेटवर्क को तोड़ा गया, जिसकी गतिविधियां पंजाब से बाहर भी फैली हुई थीं। हाल ही में खन्ना पुलिस ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में चोरी, लूटपाट और झपटमारी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया। व्यापक समन्वय के बाद उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और पंजाब पुलिस के संयुक्त अभियान में एक ऐसे भगोड़े आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जो पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भारत में हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। हाल ही में जम्मू-कश्मीर पुलिस और पंजाब पुलिस के संयुक्त अभियान में अमृतसर के एक फ्लैट से एक एके-47 राइफल, एक पिस्तौल और लगभग 500 ग्राम नशीला पदार्थ बरामद किया गया। यह कार्रवाई जम्मू पुलिस को एक वांछित आरोपी के संबंध में मिली खुफिया सूचना के आधार पर की गयी थी।

श्री यादव ने कहा कि अपराधी और राष्ट्र विरोधी तत्व राज्य सीमाओं से परे जाकर गतिविधियां संचालित करते हैं, इसलिए पुलिसिंग को भी सीमाओं से ऊपर उठकर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस का संदेश स्पष्ट है कि राज्य की शांति और सौहार्द को चुनौती देने वालों को देश में कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि अंतरराज्यीय सहयोग की यह रणनीति संगठित अपराध के खिलाफ पंजाब पुलिस की लड़ाई का एक महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है और इससे राज्य में आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में बड़ी मदद मिल रही है।

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