मुंबई , दिसंबर 12 -- सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने पुणे कोर्ट में मुंधवा भूमि सौदे को रद्द करने के लिए जिला कलेक्टर की ओर से दायर याचिका पर कड़ा ऐतराज जताया है।

सुश्री अंजलि ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा , "सरकार ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुंधवा भूमि सौदे को रद्द करने की याचिका दायर की है। यह श्री अजीत पवार, श्री पार्थ पवार और सुश्री शीतल तेजवानी को बचाने की कोशिश है। लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे।अब हालात ऐसे हो गए हैं कि हमें मुख्यमंत्री को भी अदालत में घसीटना पड़ेगा।"उन्होंने आगे कहा कि उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के बेटे पार्थ पवार, जिनके पास अमीडिया कंपनी में 99 प्रतिशत हिस्सेदारी है, उनका नाम एफआईआर में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने खुद पूछा है कि पार्थ पवार का नाम क्यों नहीं डाला गया। उन्होंने जोर दिया कि भूमि सौदे में कथित धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने विपक्षी दलों की भी आलोचना की कि उन्होंने राज्य विधानमंडल के सत्र में पुणे भूमि घोटाले का मुद्दा नहीं उठाया। उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद थी कि विपक्ष नए मुद्दे उठाएगा, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।"सुश्री दमानिया ने कहा कि राजस्व विभाग को चेतावनी नोटिस जारी करना चाहिए, अनियमितताओं की पहचान करनी चाहिए और दोषी अधिकारियों को 24 घंटे के अंदर बर्खास्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गृह विभाग को भी चेतावनी नोटिस जारी करना चाहिए।

सुश्री अंजलि दमानिया ने कहा कि वह इस भूमि घोटाले में मुख्यमंत्री के खिलाफ भी याचिका दायर करेंगी और तीसरी बार खड़गे आयोग के सामने अपना प्रतिवेदन पेश करेंगी।

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