पटना , फरवरी 20 -- राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता और तकनीकी सुदृढ़ीकरण की दिशा में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अंचल कार्यालयों के लिए हाईटेक सीसीटीवी सिस्टम की अनिवार्यता तय कर दी है।

विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कैमरों की गुणवत्ता, तकनीकी क्षमता और मॉनिटरिंग व्यवस्था को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।

निर्देशों के अनुसार प्रत्येक अंचल कार्यालय में दो मेगापिक्सल आईपी गार्ड कैमरे (बुलेट और डोम) लगाए जाएंगे, जिनमें कलर विजन और ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा होगी। इससे न केवल गतिविधियों की स्पष्ट वीडियो रिकॉर्डिंग होगी, बल्कि ध्वनि भी सुरक्षित रहेगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत होगी।

प्रत्येक कार्यालय में 16 चैनल नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर स्थापित किया जाएगा, जिसकी बैंडविड्थ क्षमता 144 एमबीपीएस होगी। इससे एक साथ कई कैमरों की हाई-क्वालिटी रिकॉर्डिंग संभव होगी।इसके साथ 6टीबी सर्विलांस हार्ड डिस्क अनिवार्य की गई है, जिससे कम से कम 30 दिनों का फुटेज सुरक्षित रखा जा सके।

सीसीटीवी सिस्टम को बिहार स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क या उपलब्ध हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से पटना स्थित सेंट्रल कमांड सेंटर से सभी अंचल कार्यालयों की निगरानी की जा सकेगी। सभी जिलाधिकारी, अपर समाहर्ता एवं एसडीओ/डीसीएलआर मोबाइल ऐप के जरिए किसी भी समय लाइव फीड देख सकेंगे। अंचल अधिकारी को भी अपने मोबाइल पर सभी कैमरों की निगरानी सुनिश्चित करनी होगी।सभी उपकरणों पर न्यूनतम दो वर्ष की वारंटी और सर्विस लेना अनिवार्य किया गया है।

अंचल अधिकारी कक्ष, प्रशासनिक कक्ष और मुख्य द्वार को अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कवरेज में रखा जाएगा, जिससे कार्यालय में आने-जाने वाले व्यक्तियों और राजस्व कार्यों की पूरी रिकॉर्डिंग उपलब्ध रहे।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवंटित राशि का उपयोग केवल सीसीटीवी क्रय एवं अधिष्ठापन के लिए ही होगा और इसी वित्तीय वर्ष में व्यय सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

गौरतलब है कि उपमुख्यमंत्री और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय सिन्हा ने विभाग का कार्यभार संभालते ही प्रत्येक अंचल कार्यालय में सीसीटीवी कैमरा लगाने की घोषणा की थी। इस घोषणा को प्रधान सचिव सीके अनिल ने अमली जामा पहनाते हुए सभी 537 अंचलों के लिए सभी जिलों को 6.71 करोड़ रुपये उपलब्ध करा दिए थे। निर्देश के अनुसार प्रति अंचल सीसीटीवी अधिष्ठापन पर 1.25 लाख रुपये खर्च करना है। अब कैमरों की क़्वालिटी को लेकर स्पष्ट दिशा निर्देश जारी होने से इसमें होने वाली गड़बड़ियों को रोका जा सकेगा।

श्री सिन्हा ने राज्य के अंचल कार्यालयों में सीसीटीवी अधिष्ठापन को लेकर स्पष्ट और कड़े शब्दों में कहा है कि राजस्व प्रशासन में पारदर्शिता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। सभी अंचल कार्यालयों में उच्च गुणवत्ता वाले 2मेगा पिक्सल कलर एवं ऑडियो सपोर्टेड कैमरे, 16 चैनल नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर तथा 30 दिनों की अनिवार्य रिकॉर्डिंग की व्यवस्था हर हाल में लागू होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी कैमरों को बिहार स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क अथवा हाई-स्पीड नेटवर्क से जोड़कर रिमोट मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे मुख्यालय स्तर से भी निगरानी संभव हो।

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