अमेठी , अगस्त 6 -- उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में चर्चित अंकित हत्याकांड के बाद हुए विरोध-प्रदर्शन और हाईवे जाम के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ नामजद तथा 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग करीब तीन घंटे तक बाधित रहा और पुलिस पर पथराव किया गया, जिसमें तीन उपनिरीक्षक घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार गौरीगंज थाना क्षेत्र के पूरे बान वार्ड नंबर-17 निवासी अंकित कश्यप की सोमवार को गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण शव को गौरीगंज-अमेठी मार्ग पर रखकर प्रदर्शन करने लगे, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

पुलिस ने कई बार प्रदर्शनकारियों से जाम समाप्त कर मार्ग खाली करने की अपील की, लेकिन भीड़ नहीं मानी। आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की, जान से मारने की धमकी दी और ईंट-पत्थर फेंके।

उपनिरीक्षक कृपाशंकर यादव की तहरीर पर राज, विजय सिंह, प्रीतम, प्रभाकर मिश्रा, हरिकिशन शुक्ला उर्फ निक्की, गौरीशंकर, विजय पासी और संतोष सहित 20 से 25 अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक वीरेन्द्र कुमार पाल को सौंपी गई है।

पथराव की घटना में उपनिरीक्षक कृपाशंकर यादव, रामकरन सिंह और शिवेंद्र प्रताप सिंह घायल हो गए। तीनों का जिला अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। पुलिस के अनुसार सभी की हालत खतरे से बाहर है।

प्रभारी निरीक्षक गौरीगंज रवि सिंह ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि निर्दोष व्यक्तियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात आरोपियों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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