विकासनगर, अगस्त 18 -- Vikasnagar News: सत्ता परिवर्तन के साथ उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड अलग हुए 26 साल बीत चुके हैं, लेकिन चकराता-खारसी मोटर मार्ग के निर्माण में अपनी भूमि,गूल और फसल गंवाने वाले ग्रामीण आज भी मुआवजे के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। वर्ष 1992 में निर्मित मोटर मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण और नुकसान के बावजूद करीब 34 वर्ष बाद भी ग्रामीणों को मुआवजा नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने लोक निर्माण विभाग से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक गुहार लगाई और कई स्तरों से मुआवजा देने के निर्देश भी जारी हुए, लेकिन आज तक उनके हाथ खाली हैं। यह भी पढ़ें- Bageshwar News: पूर्व सीएम कोश्यारी से मिले आंदोलनकारी ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 1992 में चकराता-खारसी मोटर मार्ग के निर्माण के दौरान करीब 19 ग्रामीणों की गूल, उपजा...