नई दिल्ली, फरवरी 6 -- विजया एकादशी फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। यह व्रत विजय, सफलता और शत्रुओं पर जीत का प्रतीक है। पद्म पुराण और स्कंद पुराण में इस एकादशी का विस्तृत वर्णन मिलता है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि स्वयं भगवान श्रीराम ने लंका विजय से पहले इस व्रत को किया था। इस एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को जीवन में हर प्रकार की विजय प्राप्त होती है। 2026 में विजया एकादशी 13 फरवरी, दिन शुक्रवार को रखी जाएगी। आइए जानते हैं इसकी पूरी कथा, महत्व और पूजा विधि।विजया एकादशी की कथा और भगवान राम का व्रत रामायण के अनुसार, जब भगवान श्रीराम वनवास के दौरान लंका पर चढ़ाई करने के लिए समुद्र तट पर पहुंचे, तो सामने विशाल और भयंकर समुद्र था। उसमें खतरनाक जल जीव थे और पार करने का कोई आसान रास्ता नहीं दिख रहा था। श्रीराम चिंतित...
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