नई दिल्ली, मई 15 -- कल रखा जाएगा वट सावित्री व्रत। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए व्रत करती हैं। ऐसा कहा जाता है जो इस व्रत को करता है, उसके पति की आयु लंबी होती है। इसे सावित्री ने सत्यवान के लिए किया था। भगवान्‌ श्रीकृष्ण ने राजा युधिष्ठिर को इस व्रत की कहानी सुनाई थी, जो इस प्रकार है। प्राचीन कालमें मद्रदेश (पंजाब) -में एक बड़ा पराक्रमी, सत्यवादी, क्षमाशील, प्रजापालन में तत्पर अश्वपति नामका राजा राज्य करता था, उसे कोई संतान न थी। इसलिए उसने अपनी पत्नि के साथ सावित्री की आराधना की । कुछ काल के अनन्तर पर व्रत के प्रभाव से ब्रह्माजी की पल्ली सावित्री ने प्रसन्न हो राजा को वर दिया कि तुम्हें एक कन्या उत्पन्न होगी । कुछ दिन बाद राजा को एक दिव्य कन्या उत्पन्न हुई। कन्या का नाम सावित्री ही रखा। धीरे-धीरे वह विवाह के योग्य हो गई...