नई दिल्ली, फरवरी 27 -- मकान बनाना जीवन का सबसे बड़ा निवेश होता है। व्यक्ति अपनी सारी कमाई और मेहनत का बड़ा हिस्सा इसी पर खर्च करता है। लेकिन अगर जमीन शुभ न हो तो बार-बार परेशानियां, आर्थिक हानि, स्वास्थ्य समस्या और परिवार में अशांति आ सकती है। वास्तु शास्त्र में जमीन की जांच के लिए बहुत सरल और प्राचीन विधियां बताई गई हैं। इन विधियों से पहले ही पता चल जाता है कि वह जमीन सुख-समृद्धि देगी या परेशानी। आइए जानते हैं जमीन जांचने के मुख्य तरीके और नियम। वास्तु शास्त्र में जमीन की जांच क्यों जरूरी है वास्तु शास्त्र के अनुसार, जमीन सिर्फ मिट्टी का टुकड़ा नहीं होती, बल्कि उसमें सूर्य की किरणें, पृथ्वी का चुम्बकीय क्षेत्र, जल स्तर और दिशाओं की ऊर्जा काम करती है। अगर जमीन में नकारात्मक ऊर्जा या दोष हो, तो वहां बने घर में परिवार को बार-बार बीमारी, आर्...