नई दिल्ली, मार्च 14 -- घर में बालकनी ना केवल प्राकृतिक रोशनी और हवा का स्रोत होती है, बल्कि वास्तु शास्त्र के अनुसार यह घर की ऊर्जा को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण हिस्सा भी है। सही दिशा, सही ऊंचाई और सही सजावट से बालकनी घर में सकारात्मक ऊर्जा लाती है, जबकि गलतियां वास्तु दोष पैदा कर सकती हैं। बालकनी बनवाते समय और उसे सजाते समय वास्तु के कुछ बुनियादी नियमों का पालन करने से घर में सुख, स्वास्थ्य और समृद्धि बनी रहती है। आइए जानते हैं बालकनी से जुड़े प्रमुख वास्तु नियम।बालकनी की सबसे शुभ दिशा वास्तु शास्त्र में बालकनी के लिए सबसे उत्तम दिशा उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) मानी गई है। ये तीनों दिशाएं सकारात्मक ऊर्जा, स्वास्थ्य, धन और सुख का प्रतीक हैं। बालकनी का मुख उत्तर या पूर्व की ओर होना चाहिए, ताकि सुबह की सूर्य किरणें और ताजी हव...
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