नई दिल्ली, अप्रैल 7 -- हिंदू धर्म में गंगाजल को अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसे देवी गंगा का स्वरूप मानकर पूजा-अर्चना में उपयोग किया जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, गंगाजल में इतनी शक्तिशाली सकारात्मक ऊर्जा होती है कि यह घर की नकारात्मकता को दूर कर वातावरण को शुद्ध बना सकती है। आजकल के तनावपूर्ण जीवन में घर में बार-बार झगड़े, आर्थिक रुकावटें और मानसिक अशांति आम समस्या बन गई है। ऐसे में गंगाजल के सरल उपाय अपनाकर घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया जा सकता है।गंगाजल क्यों है वास्तु में महत्वपूर्ण? गंगाजल केवल जल नहीं, बल्कि दिव्य ऊर्जा का माध्यम है। वास्तु शास्त्र में इसे नकारात्मक शक्तियों को नष्ट करने वाला बताया गया है। गंगाजल घर के ब्रह्मस्थान, कोनों और मुख्य द्वार की ऊर्जा को शुद्ध करता है। नियमित उपयोग से वास्तु दोष दू...