वाराणसी, जुलाई 6 -- Varanasi News: वाराणसी। यूनेस्को महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन फॉर पीस ऐंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट के निदेशक प्रो. ओबिजियोफोर अगिनम ने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य परीक्षा देकर प्रमाण पत्र अर्जित करना नहीं बल्कि करुणा, सहानुभूति, समालोचनात्मक चिंतन और मानवीय मूल्यों से युक्त नागरिकों का निर्माण है। बीएचयू में सोमवार को शुरू हुए 'डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं लोकनायक जयप्रकाश नारायण की विरासत के आलोक में इक्कीसवीं सदी के लिए शैक्षिक सुधार : शिक्षा की पुनर्कल्पना' विषयक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में वह मुख्य वक्ता रहे। मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र सभागार में उद्घाटन सत्र में उन्होंने शिक्षा के लिए यूनेस्को की न्यू सोशल कॉन्ट्रैक्ट की अवधारणा का उल्लेख किया। साथ ही भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की सराहना करत...