वाराणसी, जुलाई 12 -- Varanasi News: वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। अंजुमन हैदरी के नेतृत्व में रविवार को दरगाह-ए-फातमान से 18 बनी हाशिम के ताबूत उठाए गए। इस दौरान कर्बला का मंजर याद कर लोग रो पड़े। उनके आंसू रोके नहीं रुक रहे थे। अलग-अलग अंजुमनों ने नौहा मातम किया। दोपहर एक बजे जनरल सेक्रेटरी नायाब रजा की देखरेख में ताबूत निकाले गए। इससे पहले मजलिस हुई जिसका आगाज कारी अली इमाम ने तिलावत-ए-पाक से किया। मजलिस में लियाकत अली खां और साथियों ने सोजख्वानी के फराएज अंजाम दिए। मौलाना इकबाल हैदर ईमानी, ऋषि बनारसी और शाद सिवानी ने कलाम पेश किए। मौलाना अकील हुसैनी ने कहा कि इमाम हुसैन ने हक और इंसाफ का रास्ता चुना। उनके रास्ते पर चलने वाला कभी हार नहीं सकता है। कर्बला में उन्होंने और उनके साथियों ने कुर्बानी देकर इस्लाम को ऐसी जिंदगी दे दी कि उसे मिटा...