वाराणसी, जुलाई 2 -- Varanasi News: वाराणसी, मुख्य संवाददाता। संत रविदास पार्क में सुबह-ए-बनारस की ओर से गुरुकुल पद्धति पर आयोजित कार्यशाला में बुधवार को काशी कथा का विशेष सत्र हुआ। इसमें विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रतिभागियों और कला गुरुओं को बनारस के दालमंडी के अतीत की कहानी सुनाई गई। यह कहानी अंकिता खत्री ने दालमंडी पर हाल में प्रकाशित अपनी पुस्तक के हवाले से सुनाई। उन्होंने अंग्रेजों द्वारा दिए गए नाम 'डॉल मार्केट' से दालमंडी तक होने का किस्सा सुनाया। स्वतंत्रता संग्राम में इस बदनाम गली के योगदान का जिक्र किया। चौक चौराहा और चार पुरुषार्थों के बीच तार्किक समन्वय स्थापित किया।

कार्यशाला में भागीदारी कथक, भरतनाट्यम, चित्रकला, नाटक और कथा विधा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बच्चों और अभिभावकों ने इस सत्र में हिस्सेदारी की।...