वाराणसी, अक्टूबर 15 -- Varanasi News: रामनगर (वाराणसी), संवाददाता। महाबली हनुमान ने सीता का पता बताकर श्रीराम को उनका अभीष्ट दे दिया तो वानरी सेना का उत्साह भी चरम पर पहुंच गया। प्रभु का आदेश हुआ और लंका के फतह के लिए वानरी सेना निकल पड़ी। रामलीला के 20वें दिन श्रीराम सुग्रीव से वानरी सेना को लंका के लिए प्रस्थान करने का आदेश देने को कहते हैं। देवताओं की जय-जयकार के बीच श्रीराम की वानरी सेना लंका पर चढ़ाई करने के लिए चल पड़ती है। वानरी सेना के साथ वे समुद्र के किनारे पहुंचते हैं। उधर रावण का दूत उसे बताता है कि राम सेना के साथ समुद्र के किनारे खड़े हैं। रावण अपने मंत्रियों से विचार विमर्श करने लगा तभी वहां विभीषण पहुंचे। रावण ने उनकी सलाह मांगी तो विभीषण ने उसे समझाया कि राम से बैर ठीक नहीं है। भाई के मुंह से दुश्मन की बड़ाई सुनकर वह क्रोध...