वाराणसी, अक्टूबर 14 -- Varanasi News: वाराणसी। अति प्राचीन श्री रामलीला समिति खोजवां की लीला में मंगलवार की रात श्रीराम वनगमन, निषादराज मिलन, केवट प्रसंग और शृंगवेरपुर विश्राम के प्रसंग सजीव हुए। पिता के वचन की मर्यादा रखने के लिए श्रीराम राजमहल छोड़कर माता सीता, लक्ष्मण के साथ वन को गए। माता कौशल्या सहित अयोध्यावासियों ने श्रीराम को रोकने का प्रयास किया लेकिन श्रीराम ने पिता की आज्ञा और सत्य की मर्यादा को सर्वोपरि बताते हुए वन जाने का अपना निर्णय अटल रखा। श्रीराम के साथ माता सीता भाई लक्ष्मण ने भी वन जाने का संकल्प लिया। श्रीराम ने उन्हें समझाया लेकिन दोनों अपने निर्णय पर अडिग रहे। यह भी पढ़ें- Balia News: भगवान श्रीराम के वनगमन देख भावुक हुए दर्शक इसके बाद तीनों ने राजसी वस्त्र त्यागकर योगी वेश में वन को प्रस्थान किया। प्रभु के पीछे-पीछ...