वाराणसी, अक्टूबर 24 -- Varanasi News: वाराणसी, मुख्य संवाददाता। मनुस्मृति को लेकर कही जा रही कपोल कल्पित बातों, पंचांग निर्माण में एकरूपता आदि बिदुओं पर श्रीकाशी विद्वत परिषद् न्यास की बैठक शुक्रवार को हुई। बैठक को केदारघाट स्थित श्रीविद्या मठ में ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद़गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का सानिध्य मिला। इस मौके पर शंकराचार्य ने कहा कि मनुस्मृति अपरिवर्तनीय है। उसके मूल स्वरूप को कभी भी बदला नहीं जा सकता और न ही किसी को इसका अधिकार है। मनुस्मृति में संशोधन संबंधित चर्चाओं से समाज में उन्माद एवं भ्रम की स्थिति बन रही है। इसके मद्देनजर बैठक में निर्णय किया गया कि आगे प्रस्तुत संदर्भ में भारत वर्ष के विशिष्ट विद्वानों की बैठक बुलाई जाएगी। देश-विदेश में मौजूद मनु स्मृति की मूल पांडुलिपियों को एकत्रित कर उनके कथ्...