वाराणसी, अक्टूबर 24 -- Varanasi News: वाराणसी। काशी के सार्वजनिक दुर्गोत्सव में वर्ष 1943 से दखल रखने वाले शारदोत्सव संघ ने विजया सम्मिलनी के बहाने अद्भुत सांस्कृतिक उपहार काशीवासियों को दिया। शुक्रवार को भेलूपुर स्थित संघ परिसर में प्रेम और भक्ति के बीच द्वंद्व की नृत्यात्मक कथा चित्रात्मक भी रही। कथक-ओडिसी के मेल से प्रेम-भक्ति को एक-दूसरे का पूरक सिद्ध करते हुए सम्मिलनी का सकारात्मक संदेश प्रेषित किया गया। प्रस्तुति की परिकल्पना कथक नर्तक अक्षोभ्य भारद्वाज और मैत्रेई राय चौधुरी की रही। कथक के कथ्य ने प्रेम का प्रतिनिधित्व किया तो ओडिसी की मुद्राएं भक्ति की विराटता का आधार बनीं। आरंभ में मंच पर कैनवास पर पेंटिंग करने को तैयार इंद्राणी पॉल दिखीं। यह भी पढ़ें- Jamshedpur News: सहयोग और संस्कार भारती का विजया मिलन समारोह चित्र बनाते हुए उन...