वाराणसी, अक्टूबर 1 -- Varanasi News: रामनगर, संवाददाता। अयोध्या से गाजे-बाजे, लाव-लश्कर के साथ श्रीराम और चारों भाइयों की बारात निकली। जनकपुर और अयोध्या में अपार खुशियों की बारिश हुई। समूचा जनकपुर सीता-राम के विवाह की तैयारियों में मगन था। इधर अयोध्या के बालक, वृद्ध नर-नारी बाराती बन उमंग में झूमते नाचते जनकपुर की ओर बढ़ चले। चारों भाई दूल्हा बनकर जनकपुर पहुंचे तो लगा कि जैसे देवलोक धरती पर उतर आया हो। रामलीला के छठें दिन बुधवार को खुशी से सराबोर माहौल में श्रीराम विवाह का प्रसंग संपादित हुआ। जनकपुर के दूतों ने अयोध्या पहुंचकर राजा दशरथ को जनक का पत्र दिया तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। उन्होंने गुरु वशिष्ठ, भरत और अपनी रानियों को जनक का पत्र पढ़कर सुनाया। पत्र में बारात लेकर आने के निमंत्रण के साथ धनुष यज्ञ का वृत्तांत था। राजा दशरथ भरत क...