वाराणसी, अक्टूबर 6 -- Varanasi News: रामनगर, संवाददाता। भरत जैसा आदर्श चरित्र विरले ही मिलता है। कैकेई को क्या पता था कि उसके सारे स्वांग धरे रह जाएंगे। भरत उसका ऐसा प्रतिकार करेंगे। मंथरा तो शत्रुध्न के हाथों पिट भी गई। राम के बिना भरत को अयोध्या भायी ही नहीं। सभी को लेकर श्रीराम को मना कर वापस लाने चल दिये। रामनगर की रामलीला में सोमवार को 11वें दिन के प्रसंग की शुरुआत से पहले अचानक आई आंधी के कारण एक बार तो लीला प्रेमी सहम गए। काले और घने बादल देखकर लगा कि कहीं तेज वर्षा होने लगे और लीला स्थगित करनी पड़े। हालांकि ऐसा हुआ नहीं। थोड़ा विलंब से ही सही लेकिन सभी प्रसंग संपादित हुए। यह भी पढ़ें- Hapur News: नारद मोह के साथ आज होगा रामलीला का शुभारंभगंगा दर्शन और विश्राम यह भी पढ़ें- Vikasnagar News: राम के वनवास का प्रसंग सुन भावुक हुए श्रद्...