वाराणसी, जुलाई 10 -- Varanasi News: वाराणसी। बनारसी साड़ी की पहचान और काशी के पारंपरिक बुनकर उद्योग को बचाने के लिए क्यूआर कोड आधारित टैग व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है। यह मांग शुक्रवार को पिपलानी कटरा में हुई बैठक में साड़ी व्यवसायियों और उद्यमियों ने उठाई।

साड़ी व्यवसायियों की चिंताएं बुनकर प्रकोष्ठ सहकार भारती के प्रदेश प्रमुख शैलेष प्रताप सिंह ने कहा कि कुछ व्यापारी अधिक लाभ कमाने के उद्देश्य से सूरत में पॉलिएस्टर के धागे से बनी साड़ियों को बनारसी साड़ी के रूप में बेच रहे हैं। इसके बदले उन्हें मोटा कमीशन मिलता है। ग्राहकों को भ्रमित होने से बचाने के लिए बनारस में तैयार हर साड़ी पर क्यूआर कोड युक्त 'बनारसी टैग' अनिवार्य होना चाहिए।

नकली साड़ियों का संकट लघु उद्योग भारती प्रदेश सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि नकली बनारसी साड़ी क...