वाराणसी, सितम्बर 3 -- Varanasi News: वाराणसी। सुबह-ए-बनारस की ओर से अस्सी घाट पर हुई प्रभाती नगर की तरुणी कलाकार आयुषी घोष के लिए विशेष रही। मंचीय चकाचौंध से दूर रहने वाली अपनी गुरु डॉ.गार्गी चटर्जी के सम्मुख उन्होंने सार्वजनिक प्रस्तुति देकर उनसे प्रशंसा पाई। आयुषी ने राग अहीर भैरव में विलंबित तीनताल में 'गोकुल की अहिरनिया' और द्रुत तीनताल में 'रस भीन भीन आये' बंदिशों का सुकंठी गायन किया। उनके साथ तबला पर कृष्णा प्रजापति और हारमोनियम पर पं.नंदकिशोर मिश्र संगत की। कलाकार को प्रमाणपत्र डॉ.रत्नेश वर्मा ने दिया।

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