वाराणसी, अगस्त 27 -- Varanasi News: वाराणसी। मणिकर्णिका घाट के पास पशुपतेश्वर महादेव के बारे में मान्यता है कि संध्याकाल में भगवान शिव इसमें वास करते हैं। काशी खंड के अध्याय 61 में भगवान विष्णु मणिकर्णिका तीर्थ के पास विग्रहों का वर्णन करते हैं। मणिकर्णिका के उत्तर की ओर स्थित पशुपति तीर्थ में यह शिवलिंग स्थापित है। पशुपतेश्वर एक विशाल शिवलिंग है। यह भी मान्यता है कि इनकी पूजा से सभी बंधनों से मुक्ति मिलती है। चैत्र शुक्ल चतुर्दशी को इनकी पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। वहीं लिंग पुराण के अनुसार जो भक्त पशुपतेश्वर की पूजा करते हैं उनका पुनर्जन्म नहीं होता। यह शिवलिंग पशुपतेश्वर मोहल्ले में है।

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