वाराणसी, अक्टूबर 11 -- पितृ विसर्जन पर घाटों में उमड़ी भीड़ Varanasi News: वाराणसी, मुख्य संवाददाता। 'शिव गया' कही जाने वाली काशी में आश्विन अमावस्या, शनिवार को पितरों की विदाई के साथ श्राद्ध कर्म को विराम दिया गया। पितृपक्ष के अंतिम दिन गंगा घाटों से लेकर पिशाचमोचन तीर्थ तक हजारों आस्थावानों का हुजूम दिखाई दिया। सायंकाल लोगों ने बांस के छोटे टुकड़े पर अनाज की पोटली बांध कर दीपक के साथ घर के मुख्य दरवाजे के बाद रखा। यह पितरों की विदाई का लोकाचार है। पितृ विसर्जन के दिन पिशाचमोचन पर मुख्यत: अकाल मृत्यु के शिकार लोगों के निमित्त श्राद्ध, पिंडदान, तेल और घोड़ा दान के कर्मकांड हुए। ऐसी मान्यता है कि तेल और घोड़ा दान करने से अकाल मृत्यु के शिकार लोगों की आत्मा को मुक्ति मिल जाती है। जो अपने पितरों का गया श्राद्ध कर चुके हैं, उन्होंने तर्पण और सि...