वाराणसी, अक्टूबर 25 -- Varanasi News: वाराणसी प्रसं। बीएचयू के मालवीय भवन में रविवासरीय गीता प्रवचन में विष्णु मोहन फाउंडेशन के संस्थापक और संचालक स्वामी हरि प्रसाद महाराज ने गीता का मर्म समझाया। उन्होंने कहा कि संपूर्ण चराचर जगत ईश्वर से व्याप्त है, प्रकृति का कण-कण उनकी प्रतिमूर्ति है, अतः हमें सबको ईश्वर का ही स्वरूप मानकर सब के प्रति आदर सम्मान एवं स्नेह का भाव रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्म फल के त्याग जैसा और फलाकांक्षा से रहित कर्म जैसा कोई यज्ञ नहीं है और यह भाव मनुष्य को नित्य सुखी रखता है। विशिष्ट अतिथि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रो. रामसागर मिश्र ने कहा कि गीता मानवता का शास्त्र है, इसके अध्ययन से संपूर्ण मानव जाति के प्रति आत्मीयता का भाव जागृत होता है, अतः इसका अध्ययन अनिवार्य होना चाहिए। अध्यक्षीय उद्बोधन में संस्कृ...