वाराणसी, अक्टूबर 12 -- Varanasi News: वाराणसी। युवाओं में बढ़ती डिजिटल निर्भरता को कम करने और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से काशी विद्यापीठ में रविवार को विशेष कार्यशाला हुई। प्रो. रीचा रानी यादव ने विद्यार्थियों को समझाया कि डिजिटल उपकरणों की लत किस प्रकार मानसिक अवसाद, एकाग्रता में कमी और सामाजिक अलगाव का कारण बन रही है। उन्होंने जोर दिया कि वर्चुअल दुनिया से बाहर निकलकर वास्तविक जीवन के संबंधों और शारीरिक गतिविधियों को समय देना मानसिक सेहत के लिए अनिवार्य है। प्रो. शेफाली वर्मा ठकराल, कोऑर्डिनेटर प्रो. रश्मि सिंह, डॉ. रितु मोदी ने भी बताया कि कैसे आत्म-नियंत्रण, माइंडफुलनेस और डिजिटल डिटॉक्स के छोटे-छोटे उपाय अपनाकर युवा इस निर्भरता से बाहर आ सकते हैं। यह भी पढ़ें- Farrukhabad Kannauj News: चिंता को समय पर पहचानना जरूर...