वाराणसी, सितम्बर 22 -- Varanasi News: वाराणसी। पं.सुरेंद्र वाजपेयी, डॉ.अशोक सिंह एवं सूर्यप्रकाश मिश्र। इनमें से पहले दो नाम नवगीत और तीसरा गीत के लिए ख्यात है। अर्से बाद एक सुखद संयोग काशी लेखन मंच की मासिक गोष्ठी में सोमवार को तब बना जब ये तीनों ही एक मंच पर उपस्थित हुए। न सिर्फ उपस्थित हुए बल्कि अपने गीतों की शीतलता से श्रोता समूह को तृप्त भी किया। भदैनी स्थित साधुबेला अपार्टमेंट में आयोजित कार्यक्रम में गीत-नवगीत के इन त्रिदेवों की रचनाओं में देशज बिंबों और प्रतीकों के माध्यम से अनकही बातों की ओर इशारे किए गए। वहीं संवेदनशीलता के स्तर पर क्षीण होते सामाजिक ताने-बाने पर भी कटाक्ष किए। वरिष्ठ नवगीतकार सुरेंद्र वाजपेयी ने बदरी और वर्षा के बहाने उन दृश्यों के शब्दचित्र खींचे जो सहज ही किसी को भी आकर्षित कर लें। नवगीतकार डॉ.अशोक सिंह की पं...