वाराणसी, अक्टूबर 11 -- Varanasi News: वाराणसी। चांदपुर स्थित दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (आइसार्क) में अंतरराष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान (इरी) ने पूर्वी यूपी के विभिन्न जिलों के 63 किसानों को जीरो-टिलेज गेहूं की बुवाई और फसल अवशेष प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया। इरी के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. आरके मलिक ने बढ़ते तापमान के तनाव को कम करने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए 20 नवंबर से पहले गेंहू की बुवाई पर जोर दिया। उन्होंने मजदूरों की कमी से निपटने के लिए जीरो-टिलेज गेहूं अपनाने और कृषि मशीनरी सेवाओं के माध्यम से व्यवसाय के अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रमुख शोधकर्ता डॉ. एसपी पूनिया ने कहा कि जीरो-टिलेज मशीनरी में सुधार से मिट्टी की नमी का बेहतर उपयोग और समय पर फसल की स्थापना संभव हुई है। यह भी पढ़ें- Bagaha News: ट्राईकोडर्मा से गन्ने की बीमारि...