वाराणसी, अक्टूबर 31 -- Varanasi News: वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि तकनीक का उपयोग करते समय साकारात्मक और नाकारात्मक दोनों पक्ष देखना चाहिए। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) चिकित्सा क्षेत्र में तेजी से बदलाव ला रहा है। इससे जांच और इलाज की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है, लेकिन इसे डॉक्टर का विकल्प नहीं माना जा सकता। अंतिम निर्णय डॉक्टर का ही होना चाहिए। आईएमएस बीएचयू के सहयोग से सुंदरपुर स्थित आईयूसीटीई में उत्तर प्रदेश इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन (यूपीआईआरआईए) के वार्षिक सम्मेलन आरआईसीओएन-2026 शुरू हुआ। मुख्य अतिथि प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में वैज्ञानिक प्रगति और नई तकनीकों का लाभ तभी प्रभावी होगा, जब उनका उपयोग जिम्मेदारी के साथ किया जाए। विशि...