वाराणसी, जुलाई 21 -- Varanasi News: वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। काशी के रक्षक का दर्जा काशी कोतवाल को प्राप्त है मगर जिले की कोतवाली पर अब भी 'कैसर-ए-हिन्द' यानी ब्रिटिश एंपरर का नाम दर्ज है। आजादी के 78 साल बाद भी राजस्व अभिलेखों में दर्ज यह नाम न सिर्फ सरकारी तंत्र की लापरवाही बल्कि गुलामी के प्रतीक का एहसास कराता है। पूर्व मंत्री शतरुद्र प्रकाश ने पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर इस ओर ध्यान दिलाया है। उन्होंने जल्द इसमें सुधार की मांग भी की है। पूर्व मंत्री ने बताया कि बनारस के भूमि-राजस्व अभिलेख मे आराजी नंबर 1714 मौज़ा काशीपुरा परगना देहात अमानत तहसील सदर में कोतवाली अवस्थित है। फसली वर्ष 1425-26 के खसरा के 19वें कालम में 'पुलिस थाना कोतवाली' के साथ टाउनहाल और आबादी अंकित है। इसकी खतौनी में आराजी नंबर नान जेड ए यानि गैर जमींदारी भूमि के तौ...