वाराणसी, जुलाई 25 -- Varanasi News: वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। संतान की चाह में आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) का सहारा लेने वाले दंपतियों की संख्या बनारस में तेजी से बढ़ रही है। पांच साल में आईवीएफ के दोगुना केस हो गए हैं लेकिन शहर के एक भी सरकारी अस्पताल में अब तक आईवीएफ की सुविधा नहीं है। संतान की चाह में दंपति निजी अस्पताल में लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आधुनिक प्रजनन उपचार अब भी दूर है। जिले में करीब 20 आईवीएफ सेंटर हैं। वहां हर महीने करीब 250 आईवीएफ होते हैं। लगभग पांच साल पहले यह संख्या आधी थी। लेकिन, धीरे-धीरे सक्सेस रेट बढ़ने से लोगों का आईवीएफ पर भरोसा बढ़ रहा है। निजी अस्पतालों में एक आईवीएफ चक्र पर दो से चार लाख रुपये का खर्च आता है। कई दंपतियों को सफलता के लिए एक से अधिक चक्र कराने पड़ते है...