वाराणसी, सितम्बर 30 -- Varanasi News: वाराणसी। शिवपुर स्थित अति प्राचीन रामलीला समिति की तरफ से रामलीला मैदान में अहिल्या तरण, गंगा दर्शन और जनकपुर विश्राम के प्रसंग संपादित हुए। लीला में मौजूद भक्त भावविभोर होकर मानस के विविध प्रसंगों को आत्मसात कर जयकारे लगाते रहे। प्रारंभ में महर्षि विश्वामित्र के साथ वन मार्ग से जाते श्रीराम एक आश्रम को देखकर उसके बारे में पूछते हैं। विश्वामित्र बताते हैं कि यह महर्षि गौतम का आश्रम है, जहां इंद्र के छल के कारण महर्षि ने अपनी पत्नी अहिल्या को पत्थर बन जाने का श्राप दिया था। श्रीराम के चरणों का स्पर्श पाकर अहिल्या का उद्धार हो जाता है। यह भी पढ़ें- शिवधनुष टूटते ही हर्षित भये त्रैलोका इसके पश्चात तीनों पात्र गंगा तट पर पहुंचते हैं। यहां महर्षि विश्वामित्र गंगाजी की उत्पत्ति और पृथ्वी पर अवतरण की कथा सुन...