मुख्य संवाददाता, जुलाई 2 -- दो से चार जुलाई तक होने जा रही उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) में परिषदीय शिक्षकों और शिक्षामित्रों के बीच भेदभाव एक बार फिर सामने आ गया है। विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी की ओर से मंगलवार को यूपीटीईटी में शामिल हो रहे प्रदेशभर के 1.85 लाख शिक्षकों के लिए विशेष अवकाश की मंजूरी दी है, लेकिन इसी परीक्षा में सम्मिलित होने जा रहे हजारों शिक्षामित्रों के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं किया गया है। यह भी पढ़ें- UPTET 2026 के लिए 1.86 लाख शिक्षकों को मिलेगी छुट्टी यह तब है जबकि बेसिक शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की तरह ही शिक्षामित्रों को भी परीक्षा में शामिल होने की एनओसी (अनापत्ति) प्रमाणपत्र दिया है। पहले भी शिक्षामित्रों के साथ इस प्रकार की अनदेखी होती रही है। बेसिक शिक्षा विभाग पर जब शिक्षक भर्ती का दबाव ब...