नई दिल्ली, जून 12 -- यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जब भी आता है, तो उसमें से कई सफल उम्मीदवारों की कहानी काफी प्रेरणा दायक होती है। इन्हीं में एक कहानी है बिहार की एक जाबांज लड़की की, जिसका नाम गरिमा लोहिया है। उसके सिर से पिता का साया 8 साल पहले उठ गया था, लेकिन उसने अपनी हिम्मत नहीं हारी। मां के सपनों को साकार करने के लिए उसने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा दी और न केवल यह परीक्षा पास की, बल्कि पूरे देश में दूसरी रैंक भी हासिल की। चलिए इनके संघर्ष की कहानी जानते हैं। यह भी पढ़ें- पिता की हत्या के बाद जागा IPS बनने का जुनून, तीसरे प्रयास में क्रैक किया UPSCपढ़ाई-लिखाई गरिमा लोहिया बिहार के बक्सर की रहने वाली है। पढ़ाई के लिए उसने बक्सर से दिल्ली यूनिवर्सिटी तक सफर तय किया। स्कूलिंग बक्सर के वुट स्टॉक स्कूल से हुई। बा...