नई दिल्ली, जून 25 -- आईएएस पूजा खेडकर के फर्जीवाड़े के बाद संघ लोक सेवा आयोग ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के आवेदनों की जांच प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। यूपीएससी ने पहली बार सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 के लिए अयोग्य आवेदनों को शुरुआती चरण में ही हटाने के लिए AI का इस्तेमाल किया और ऐसे 569 आवेदनों को खारिज कर दिया। इनमें वे व्यक्ति शामिल थे जिन्होंने एक से अधिक बार आवेदन किए और जिन्होंने प्रयासों की अधिकतम सीमा पूरी कर ली थी। यह कदम 2024 में ट्रेनी IAS पूजा खेडकर को सेवा से बर्खास्त किए जाने के दो साल बाद उठाया गया है। खेडकर ने अपना और अपने माता-पिता का नाम बदलकर प्रयासों की अधिकतम सीमा पूरी करने के बावजूद सीएसई 2022 परीक्षा दी थी। बाद में UPSC ने उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी थी। पिछले साल तक यूपीएससी ये जांच इंटरव्यू के चरण मे...